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जापान की कृषि सहकारिताएँ केवल उपज बेचती नहीं—खाद्य आपूर्ति-श्रृंखला में उनका मध्यस्थ रूप

खाद्य और कृषि पर दुनिया के आँकड़ों की नियमित निगरानी

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खेत और बाजार के बीच की संस्था

खाद्य और कृषि पर चर्चा प्रायः उत्पादन, उपज, भूमि अथवा उर्वरक तक सीमित रहती है। लेकिन किसान की उपज उपभोक्ता तक पहुँचने से पहले संग्रह, खरीद, वितरण और लेखांकन की संस्थागत व्यवस्था से गुजरती है। जापान के कृषि सहकारी संगठनों के आँकड़े इस कम दिखाई देने वाले हिस्से को समझने का अवसर देते हैं।

अप्रैल 2023 से मार्च 2024 की राष्ट्रीय अवधि में इन संगठनों ने खाद्य वस्तुओं के संबंध में प्राप्ति, आपूर्ति और क्रय-लाभ—जिसमें क्रय शुल्क भी सम्मिलित है—को अलग-अलग दर्ज किया। इससे सहकारिता को केवल किसानों की उपज बेचने वाला संगठन मानने के बजाय खाद्य प्रवाह का प्रबंधक समझा जा सकता है।

आँकड़े क्या दिखाते हैं

नीचे दी गई सभी राशियाँ जापान के राष्ट्रीय स्तर पर कृषि सहकारी संगठनों और संबंधित संघों के खाद्य-वस्तु व्यवसाय से जुड़ी हैं।

संकेतकअप्रैल 2023–मार्च 2024 की राशिइसका संस्थागत अर्थ
अवधि में खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति अथवा संचालन राशि143,137,718 हजार येनसहकारी व्यवस्था से बाहर की ओर गया या संभाला गया खाद्य कारोबार
अवधि में खाद्य वस्तुओं की कुल प्राप्ति118,483,901 हजार येनसहकारी संगठनों ने अपने कारोबार में जितनी खाद्य वस्तुएँ स्वीकार कीं
कुल प्राप्ति में सहकारी नेटवर्क का उपयोग62,179,802 हजार येनव्यापक सहकारी तंत्र के भीतर से जुड़ी प्राप्ति
खाद्य-वस्तु खरीद से लाभ, क्रय शुल्क सहित25,481,347 हजार येनखरीद सेवा और संचालन से दर्ज आर्थिक प्रतिफल

इन राशियों को एक-दूसरे का साधारण जोड़ या घटाव नहीं समझना चाहिए। “प्राप्ति”, “आपूर्ति अथवा संचालन” और “क्रय-लाभ” अलग लेखांकन अवधारणाएँ हैं। वे एक ही संस्था की अलग गतिविधियों को दिखाती हैं, न कि किसी एक फसल के खेत से दुकान तक पहुँचने की सीधी लागत।

सबसे महत्त्वपूर्ण संकेत: नेटवर्क के भीतर का लेन-देन

अप्रैल 2023 से मार्च 2024 की कुल खाद्य प्राप्ति 118,483,901 हजार येन थी। उसी अवधि में इसमें से सहकारी नेटवर्क के उपयोग से जुड़ी प्राप्ति 62,179,802 हजार येन दर्ज हुई। यह अलग प्रविष्टि स्वयं में महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पता चलता है कि आँकड़ा केवल किसी स्थानीय इकाई की खरीद नहीं माप रहा। वह यह भी पहचान रहा है कि खाद्य वस्तु संगठित सहकारी चैनल के भीतर किस प्रकार आई।

ऐसी व्यवस्था स्थानीय संग्रह और बड़े वितरण तंत्र के बीच संबंध बना सकती है। आँकड़े यह नहीं बताते कि कोई विशेष खाद्य वस्तु किस मार्ग से चली, किस क्षेत्र से आई या अंतिम खरीदार कौन था। फिर भी वे इतना स्पष्ट करते हैं कि सहकारी संस्थाओं का विश्लेषण करते समय संगठन के भीतर होने वाले लेन-देन को खुले बाजार से होने वाली प्राप्ति से अलग देखना उपयोगी है।

सहकारिता के विश्लेषण में यही दृष्टि सबसे काम आती है। किसी सहकारी संस्था का महत्व केवल इस बात से नहीं समझा जा सकता कि वह अंत में कितनी आपूर्ति करती है। यह भी देखना चाहिए कि वह माल कहाँ से स्वीकार करती है और उसका कितना हिस्सा संगठित सहकारी तंत्र से जुटाया जाता है। यहाँ कुल प्राप्ति 118,483,901 हजार येन के मुकाबले 62,179,802 हजार येन की प्रविष्टि अलग से दर्ज है, और यही अलग दर्ज करने की पद्धति संस्थागत मापन के उपयोगी प्रश्न सामने रखती है।

आपूर्ति की राशि उत्पादन का आँकड़ा नहीं है

अप्रैल 2023 से मार्च 2024 में खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति अथवा संचालन राशि 143,137,718 हजार येन दर्ज की गई। यह कृषि उत्पादन की मात्रा नहीं है। इससे यह निष्कर्ष भी नहीं निकाला जा सकता कि उतने मूल्य का नया खाद्य उत्पादन हुआ। कारोबार की राशि में पहले से प्राप्त वस्तुओं का वितरण, विभिन्न चरणों का संचालन और सहकारी संस्थाओं की व्यापारिक भूमिका प्रतिबिंबित हो सकती है।

यही अंतर तुलना करते समय विशेष सावधानी माँगता है। खेत की पैदावार, मंडी में बिक्री, थोक कारोबार और सहकारी संस्था की आपूर्ति राशि अलग-अलग प्रकार के संकेतक हैं। यदि उन्हें एक ही अर्थ में पढ़ा जाए तो संस्था की भूमिका या खाद्य अर्थव्यवस्था का आकार गलत समझा जा सकता है।

लाभ को किसान की आय न मानें

अप्रैल 2023 से मार्च 2024 का खाद्य-वस्तु क्रय-लाभ, क्रय शुल्क सहित, 25,481,347 हजार येन था। यह राशि सीधे किसानों की आय, सहकारी संस्था का अंतिम शुद्ध लाभ या उपभोक्ताओं द्वारा चुकाया गया कुल अंतर नहीं कही जा सकती। उपलब्ध आँकड़े की परिभाषा खरीद गतिविधि से संबंधित लाभ और शुल्क को साथ रखती है।

फिर भी यह मद एक अहम बात बताती है: सहकारी खरीद और आपूर्ति सेवा का आर्थिक पक्ष होता है। वस्तुओं को स्वीकार करना, नेटवर्क से जोड़ना और आगे उपलब्ध कराना केवल भौतिक परिवहन नहीं, बल्कि लेखांकन योग्य सेवा भी है। सहकारी संस्थाओं का अध्ययन करते समय सेवा-प्रतिफल, शुल्क और वस्तु के मूल्य को स्पष्ट रूप से अलग दर्ज करना पारदर्शिता के लिए उपयोगी हो सकता है।

हिंदी पाठक इन आँकड़ों से क्या प्रश्न निकाल सकते हैं

इन जापानी आँकड़ों का उपयोग किसी अन्य देश की व्यवस्था को बेहतर या कमजोर घोषित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनका अधिक उपयोगी पाठ यह है कि कृषि सहकारिता के मूल्यांकन में कुछ बुनियादी प्रश्न पूछे जाएँ: कुल खाद्य प्राप्ति कितनी है, उसका कितना हिस्सा संगठित सहकारी नेटवर्क से आता है, आगे की आपूर्ति किस लेखांकन आधार पर दर्ज होती है, और खरीद सेवा से मिलने वाला प्रतिफल किस मद में दिखाया जाता है।

अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के आँकड़े माल के प्रवाह और संस्था की कमाई को अलग-अलग श्रेणियों में रखते हैं। यही इस सामग्री का सबसे महत्त्वपूर्ण सबक है। कृषि सहकारिता को समझने के लिए केवल खेत या बिक्री केंद्र को देखना पर्याप्त नहीं; उनके बीच बने संगठनात्मक मार्ग को भी मापना आवश्यक है।

出典

https://www.e-stat.go.jp/dbview?sid=0004038753